प्रशांत भुसन ने सुप्रीम कोर्ट मे लगायी रामायण रोकने के लिए याचिका कोर्ट ने लगायी लताड़

मार्च मे जब लोकडाउन का एलान हुआ था ! माननिये पीएम मोदी जी के द्वारा तब लोगो के लोकप्रियता को देखते हुए सूचना एंड प्रसारण मंत्री श्री प्रकाश जावड़ेकर जी ने एलन किया था की 27 मार्च  से  रामायण का प्रसारण दूरदर्शन चैनल पर रात के बजे और सुबह के 9  बजे रिपीट टेलीकास्ट किया जायेगा !कुछ लोगो ने इसपर सवाल भी खड़े किये थे की किस्से पूछकर ये रामायण दिखया जा रहा है

और जब से रामायण दूरदर्शन पर चलाया जा रहा है तब से दूरदर्शन का टी आर पी नंबर 1  पर बना हुआ है

इसी बिच सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिए की जवाहर लाल नेहरू यूनिवर्सिटी मे रामायण का ऑनलाइन सेमिनार किया जाये ! तब से देश के कुछ और तथाकथित लोग सामने आने लगे है

इसी बिच प्रशांत भुसन जो की पेसे से एक वकील है उन्होंने सुप्रीम कोर्ट मे इसे रोकने की याचिका लगा दी उन्होंने रामायण के ऑनलाइन वेबिनार का कड़ा विरोध किया है !

 

इसपर लोगो के प्रतिक्रिया आरहे है की जिस जे एन यु मे देश विरोधी नारे लगते है उस जे एन यु मे भगवन राम से सिख लेनी चाहिए ! इसी बिच सुप्रीम कोर्ट ने प्रशांत भुसन के याचिका को ख़ारिज कर फटकार लगाते हुए कहा की ये लोगो के टी वी पर कोई भी कार्यक्रम और धारावाहिक देखने के लिए स्वतंत्र है और चैनल अपनी मन मुताबिक कार्यक्रम को स्वतंत्र है

 

और प्रशांत भुसन ने एक ट्वीट किया की करोड़ों भूखे रहने और जबरन तालाबंदी के कारण सैकड़ों मील घर चलने के बाद, हमारे हृदयहीन मंत्री लोगों को रामायण और महाभारत की अफीम का सेवन करने और खिलाने के लिए मनाते हैं

जबकि गुजरात मे प्रशांत भूषण के खिलाफ एक ऍफ़ आई आर भी रजिस्टर्ड कराया गया

 

अंडर सेक्शन 295A  और  505 इंडियन पीनल कोड  (IPC)

इसके बाद गिरफ़्तारी से पहले प्रशांत भुसन ने अपनी जमानत कराई .

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