20 देसो के 82 तबलीगी जमात पर बड़ी कार्यवाही !

इस वक़्त की बड़ी खबर दिल्ली और देश के अलग अलग राज्य में कोरोना फ़ैलाने के कारन तबलीगी जमात पर बड़ी कार्यवाही की गयी है आपको बता दे की मरकज मामले में दिल्ली पुलिस के क्राइम ब्रांच ने पहली चार्जशीट दाखिल कर दी है ! जिसमे लगभग 20 देसो के 82 तबलीगी जमात मरकज के खिलाफ ये चार्जशीट दाखिल की गयी है ! आपको बता दे की जब से मरकज का मामला देश में सामने आया है तब से मरकज से जुड़े लोगो पर कार्यवाही की जा रही थी  देश के अलग अलग राज्यों से तबलीगी जमात से जुड़े लोगो को ढूंढा जा रहा था और उन्हें क्वारंटाइन किया जा रहा था ! क्युकी वे दिल्ली के मरकज से निकल कर देश के अलग अलग राज्यों में चले गए थे और छुपने की कोसिस कर रहे थे ! वही विदेशो से भी आये कुछ लोग मस्जिदों और अपने जानने वालो के यहाँ छुपने की कोसिस कर रहे थे ! आपको बता दे की जब से ये मामला सामने आया है तब से मरकज के हेड मौलाना साद क्वारंटाइन के नाम पर अभी तक छुपे हुए है ! और उनको अभी तक दिल्ली पुलिस के क्राइम ब्रांच की तरफ से 7 बार नोटिस भेजा गया है !

अब तबलीगी जमात के खिलाफ दिल्ली पुलिस के क्राइम ब्रांच ने 82 लोगो के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर दिया है ! इनपर तीन अलग अलग धाराए लगायी गयी है ! करीब 1400  पन्नो की चार्जशीट में मरकज मैनेजमेंट और मौलाना शाद के बारे में जिक्र किया गया है ! जब जमातियों से पूछ ताछ किया गया उसमे उन्होंने खुलाशा किया की 20 मार्च के बाद मरकज में रुकने के लिए उनलोगो को मौलाना शाद ने ही कहा था !

आपको बता दे की दिल्ली क्राइम ब्रांच ने 900 से ज्यादा तबलीगी जमात से जुड़े लोगो से पूछ ताछ की गयी थी और इन सभी के खिलाफ चार्जशीट दाखिल होगी अभी फ़िलहाल 20 देशो के 82 लोगो के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की गयी है ! और कल भी इनके खिलाफ चार्जशीट दाखिल की जाएगी ! आपको बता दे की ये सारे विदेशो से आये लोग अपने धर्म का प्रचार करने आये थे और ये लगभग सारे लोग टूरिस्ट वीसा पर भारत आये थे और धर्म प्रचार में शामिल हुए थे ! इस तरह से इन्होने वीसा नियमो का भी उलंघन किया है ! ये चार्जशीट अंडर सेक्शन धारा 14 (बी) विदेशी अधिनियम, 1946 के तहत, महामारी रोग अधिनियम, 1897 की धारा 3, आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 की धारा 51 और धारा 188 (लोक सेवक के लिए विधिवत आदेश देने की अवज्ञा), 269 (लापरवाही से काम करने की संभावना) जीवन के लिए खतरनाक बीमारी का संक्रमण), 270 (घातक बीमारी जीवन के लिए खतरनाक बीमारी के संक्रमण को फैलाने की संभावना ), 271 (भारतीय क़ानून का उल्लंघन) (दंड प्रक्रिया का अवज्ञा)। के तहत किया गया है  !

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